सरकारी चावल घोटाले में निर्णायक वार: श्री कृष्णा राइस मिल की मशीनें अब नीलाम होंगी
11 जनवरी । वालिया (नारायणगढ़) नारायणगढ़ में सरकारी धान–चावल की हेराफेरी के मामले ने अब आर-पार की शक्ल ले ली है। करोड़ों रुपये के सरकारी चावल का हिसाब न देने वाली श्री कृष्णा राइस मिल, चांदसोली पर सरकार ने सीधा प्रहार कर दिया है। बकाया वसूली के लिए अब इस राइस मिल की पूरी मशीनरी की सार्वजनिक नीलामी की जाएगी।
जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक, अंबाला के आदेश पर यह नीलामी उपमंडल अधिकारी (ना.) नारायणगढ़ की देखरेख में 16 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे राइस मिल परिसर में होगी। नीलामी में पॉलिशर, सेपरेटर, एलिवेटर, ड्रायर सहित मिल की प्रमुख मशीनें शामिल होंगी। विभाग ने इनका आरक्षित मूल्य 1 करोड़ 40 लाख रुपये तय किया है।
3 करोड़ से ज्यादा का सरकारी चावल अब भी गायब
वर्ष 2024-25 में इस राइस मिल को सरकार ने 58,338 क्विंटल धान आवंटित किया था। इसके बदले में मिल को 37,746 क्विंटल चावल सरकार को लौटाना था। अंतिम तिथि 30 सितंबर 2025 थी, लेकिन मिल ने तय समय तक केवल 28,979 क्विंटल चावल ही जमा कराया।
अब भी 8,767 क्विंटल चावल बकाया है, जिसकी कीमत लगभग 3 करोड़ 43 लाख रुपये आंकी गई है। लगातार टालमटोल और सरकारी आदेशों की अनदेखी के चलते विभाग ने सितंबर 2025 में ही इस मिल को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। अब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता के अनाज और सरकारी धन से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
भ्रष्टाचार पर सरकार का सख्त संदेश
यह नीलामी सिर्फ एक मिल के खिलाफ कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए चेतावनी है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी अनाज को निजी मुनाफे का जरिया बनाने वालों की संपत्ति भी बिकेगी।
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सरकारी देय राशि नहीं चुकाने वालों के खिलाफ अब सिर्फ नोटिस नहीं, बल्कि सीधी वसूली और संपत्ति नीलामी होगी। इस फैसले के बाद जिले भर के राइस मिल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
अब संदेश साफ है—
सरकारी चावल हड़पने वालों पर मुकदमा ही नहीं, उनकी मशीनें भी नीलाम होंगी।
भ्रष्टाचार पर सरकार की यह कार्रवाई बताती है कि अब अनाज घोटालों पर शून्य सहनशीलता की नीति लागू हो चुकी है।