केंद्र व प्रदेश की बीजेपी सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी की हड़ताल क़ो लेकर सीटू ने कमर कसी

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स्वराज भास्कर (ब्यूरो) अंबाला शहर 12 जनवरी । सेन्ट्रल ट्रेड यूनियंस व कर्मचारी फेडरेशनो के आह्वान पर व संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा समार्थित 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल क़ो सफल बनाने के लिए सीटू जिला कमेटी की विस्तारित बैठक बाबू राम जिला प्रधान गग्रामीण चौकीदार सभा की अध्यक्षता में सिटी पार्क अम्बाला शहर में हुई।

बैठक क़ो सम्बोधित करते हुए आशा वर्कर्स यूनियन जिला प्रधान सर्वजीत कौर व मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की सचिव सोनिया ने कहा कि यह हड़ताल चारों लैबर कोड वापिस लेने, न्यूनतम वेतन 26 हज़ार लागू करने, अस्थाई कर्मियों व परियोजना वर्कर्स की सेवाएं स्थाई करने, मनरेगा क़ो बहाल कर 200 दिन काम व 800 रू दिहाड़ी देने, हाल ही में बनाए वीबी – जी राम जी क़ानून क़ो रद्ध करने, भवन निर्माण मजदूरों के लाभ जारी करने, खाली पड़े पदो पर स्थाई भर्ती, सभी जन सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाने, बिजली के स्मार्ट मीटर पर रोक, कर्मचारियो की पुरानी पेंशन बहाली, महंगाई पर रोक व सभी फसलों की एमएसपी पर कानूनी गारंटी लागू करने इत्यादि मांगो क़ो लागू करवाने के लिए होगी।

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सीटू जिला उप संयोजक सतीश सेठी व कमेटी सदस्य कुलदीप चौहान ने कहा कि सत्ता के नशे में चूर केंद्र की बीजेपी सरकार ने पहले मजदूर विरोधी चार लैबर कोड लागू किए फिर ग्रामीण मजदूरों की रोजी रोटी पर हमला करते हुए मनरेगा क़ो खत्म कर दिया । इसी नक्शे कदम पर चलते हुए प्रदेश सरकार ने विधानसभा में मजदूरों के काम के घंटे बढ़ाकर 10 कर दिए। यह सब पूंजीपतियों और कारपोरेटस के हित में मजदूरों की मेहनत की सरेआम लूट की छूट है। यही नहीं प्रदेश की भाजपा सरकार ने पिछले दस सालों से न्यूनतम वेतन तक रिवाइज नहीं किया। हाल ही में माननीय पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने सभी कच्चे कर्मचारियों क़ो पक्का करने की नीति बनाने का अहम फैसला दिया है। परन्तु सरकार इन मुद्दों पर चुप्पी साधकर बैठी है। ऊपर से प्रदेश के श्रम मंत्री कल्याण बोर्ड में रजिस्ट्रड मजदूरों क़ो फर्जी बताकर उन्हें अपमानित कर रहे है। जबकि पिछले 11 सालों से प्रदेश में रजिस्ट्रेशन करने वाली उन्ही की बीजेपी पार्टी की ही सरकार है।

सेठी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों व फेसलो से प्रदेश के मजदूरों व कर्मचारियों में भारी गुस्सा है। यही नहीं सत्ता पक्ष संसद व विधानसभा तक में विपक्ष की आवाज क़ो भी अनसुना कर रहा है। इसलिए ट्रेड यूनियंस व कर्मचारी फेडरेशनस ने इस गूंगी बहरी सरकार क़ो सुनाने के लिए हड़ताल कर सड़को पर उतरने का फैसला लिया है। इसकी व्यापक तैयारीयों क़ो लेकर ट्रेड यूनियंस, कर्मचारी संघो व किसान मोर्चा की राज्यस्तरीय सांझी कन्वेंशन 15 जनवरी क़ो जींद में बुलाई गई है। इसके साथ ही रेगुलराईजेशन की मांग क़ो लेकर सर्व कर्मचारी संघ व सीटू कार्यकर्ताओ ने 19 जनवरी क़ो उपायुक्त कार्यलय पर प्रदर्शन करने का फैसला भी लिया गया है।

इसके इलावा 12 जनवरी क़ो शिक्षा सदन पंचकुला पर मिड डे मील वर्कर्स के प्रदर्शन, भवन निर्माण कामगार यूनियन का श्रम मंत्री के अम्बाला केंट स्थित आवास पर 17-18 जनवरी दो दिन का पड़ाव, रिटायर्ड कर्मचारी संघ अम्बाला के 18 जनवरी क़ो परिवहन मंत्री निवास पर मास डेपूटेशन, 20 जनवरी क़ो आशा वर्कर्स के प्रदर्शन एवं हरियाणा ग्रामीण चौकीदार सभा के बजट सत्र पर चंडीगढ कूच के समर्थन का भी फैसला लिया गया।

बैठक क़ो सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान इंद्र सिंह बधाना, सचिव विकास वर्मा व केशियर रविंद्र शर्मा के इलावा सीटू नेता रमेश नन्हेंड़ा, बलजिंन्द्र कौर, रेणु बाला, ललिता रानी, शीतल राम, सुखबीर सिंह, शशांक हँस व बीर सिंह, तारा चंद, रणजीत कौर, सुषमा रानी इत्यादि ने भी सम्बोधित किया।

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