श्री कृष्णा राइस मिल पर एफआईआर, करोड़ों की संपत्ति नीलामी की तैयारी

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सरकारी धान–चावल घोटाले में बड़ा खुलासा

नारायणगढ़ | 9 जनवरी (रुचि वालिया)


सरकारी अनाज में भारी हेराफेरी उजागर

नारायणगढ़ क्षेत्र में सरकारी धान–चावल मिलिंग घोटाले का एक बड़ा मामला सामने आया है। गांव चांदसौली स्थित श्री कृष्णा राइस मिल पर 8,767 क्विंटल सरकारी चावल खुर्द-बुर्द करने का गंभीर आरोप लगा है। जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक, अंबाला की शिकायत पर थाना नारायणगढ़ में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच तेज कर दी गई है।


सरकार को करोड़ों का नुकसान

जांच में सामने आया है कि खरीफ सीजन 2024–25 के दौरान राइस मिल को सरकार द्वारा 58,338 क्विंटल धान मिलिंग के लिए दिया गया था। इसके बदले में नियमों के अनुसार मिल को 37,746 क्विंटल चावल सरकार को लौटाना था।
निर्धारित अंतिम तिथि 30 सितंबर 2025 तक केवल 28,979 क्विंटल चावल ही जमा कराया गया। इसके बाद भी 8,767 क्विंटल चावल बकाया रहा, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 43 लाख रुपये बताई जा रही है।


भौतिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य

मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य विभाग ने एक विशेष जांच टीम गठित की। टीम द्वारा राइस मिल में की गई भौतिक जांच में पाया गया कि मिल परिसर में

  • 12,910 क्विंटल धान
  • या लगभग 8,650 क्विंटल चावल
    मौजूद नहीं है।
    जांच रिपोर्ट में इसे सरकारी अनाज का गबन और नियमों का खुला उल्लंघन बताया गया है।

एफआईआर, मालिक और गारंटर भी घेरे में

खाद्य विभाग की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
इस केस में राइस मिल मालिक राम करण (निवासी चांदसौली) को नामजद किया गया है। साथ ही मिल के दो गारंटरों—

  • शिवम ट्रेडिंग कंपनी, अनाज मंडी शहजादपुर
  • जमींदारा ट्रेडिंग कंपनी, अनाज मंडी भरेड़ी, नारायणगढ़
    को भी आरोपी बनाया गया है।

दबाव में समझौते की कोशिश नाकाम

सूत्रों के अनुसार, राइस मिल मालिक के सहयोगियों ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर यह दावा किया कि बकाया राशि शीघ्र जमा कर दी जाएगी।
हालांकि प्रशासन ने साफ कर दिया है कि केवल मौखिक आश्वासन पर कोई राहत नहीं दी जाएगी। कानून के तहत पूरी वसूली और जवाबदेही तय की जाएगी।


संपत्ति नीलामी की प्रक्रिया शुरू

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय में बकाया चावल या उसकी पूरी राशि जमा नहीं की गई, तो

  • पहले राइस मिल मालिक की संपत्ति नीलाम की जाएगी,
  • और आवश्यकता पड़ने पर गारंटर फर्मों की संपत्तियों को भी कुर्क कर नीलामी की कार्रवाई की जाएगी।

यह कार्रवाई सरकारी नुकसान की भरपाई के लिए की जाएगी।


जिले में हड़कंप, अन्य मिलों पर भी नजर

इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले में राइस मिल संचालकों में हड़कंप मच गया है। खाद्य एवं पूर्ति विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि
सरकारी धान–चावल में किसी भी प्रकार की हेराफेरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को हर हाल में कानून के कटघरे में लाया जाएगा।


पुलिस का सख्त रुख

थाना प्रभारी ने बताया कि मामला पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच में है। सभी दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर, मिलिंग रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट खंगाली जा रही हैं।
यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता का संकेत

यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता नहीं, बल्कि जनहित, सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा और भ्रष्टाचार निरोध से जुड़ा है। प्रशासन की सख्ती यह संकेत देती है कि
अब सरकारी अनाज से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई नरमी नहीं होगी और ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।

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