मनरेगा बचाने सड़क पर उतरेगी कांग्रेस:राव नरेंद्र सिंह
“गांधी का नाम हटाना गरीबों का अपमान”
स्वराज भास्कर (ब्यूरो) 10 जनवरी 2026
नारनौल से शुरू हुई सियासी जंग
हरियाणा के नारनौल में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि सरकार ने न केवल बजट घटाया, बल्कि मजदूरों के काम के अधिकार से भी खिलवाड़ किया है।

कल से राष्ट्रव्यापी अभियान
कांग्रेस ने “मनरेगा बचाओ” अभियान की घोषणा की।
- 11 जनवरी: एक दिन का उपवास व प्रतीकात्मक विरोध
- 12 से 29 जनवरी: पंचायत स्तर पर जनसंपर्क
- 30 जनवरी: वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना
- 31 जनवरी से 6 फरवरी: जिला स्तरीय धरना
- 7 से 15 फरवरी: राज्य स्तर पर विधानसभा घेराव
- 16 से 25 फरवरी: आंचलिक स्तर पर एआईसीसी रैलियां
“मनरेगा योजना नहीं, मजदूर का अधिकार”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि मनरेगा कोई सामान्य सरकारी योजना नहीं, बल्कि मजदूरों का कानूनी अधिकार है, जिसे यूपीए सरकार ने 2005 में लागू किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के दौर में बजट घटा, भुगतान में देरी हुई और काम मांगने पर भी रोजगार नहीं मिला।
“गांधी का नाम हटाना ओछी सोच”
राव नरेंद्र ने कहा कि जॉब कार्ड सत्यापन और भुगतान के नाम पर लाखों गरीब मजदूरों को योजना से बाहर कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा का नाम बदलकर सरकार ने महात्मा गांधी का अपमान किया है। यह भाजपा की मानसिकता को दर्शाता है।
मजदूरी पर भी खतरा
उन्होंने बताया कि नए प्रावधानों में मजदूरी भुगतान केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में किया जाएगा। अधिकतर राज्य कर्ज में डूबे हैं, ऐसे में मजदूरों को समय पर पैसा कैसे मिलेगा, यह बड़ा सवाल है। नए कानून में रोजगार की कोई ठोस गारंटी नहीं है।
कांग्रेस की मांगें
कांग्रेस ने मांग की कि—
- रोजगार के दिन 125 से बढ़ाकर 200 किए जाएं
- न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई जाए
- देरी से भुगतान पर मुआवजा मिले
- मजदूरों को उनके गांव में ही काम दिया जाए
ये नेता रहे मौजूद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला अध्यक्ष सत्यवीर यादव, युवा कांग्रेस अध्यक्ष निशित कटारिया, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष राज सुनेश यादव, राकेश यादव, कुलदीप भरगड़, दलीप सिंह, सुमेर सिंह, महेंद्र राता, धीरज शर्मा और तोताराम कोली सहित कई नेता मौजूद रहे।